
धनुषा, १९ कातिकः छैठ पावैनक लेल मधेशक राजधानी जनकपुरधाममे भारतसँ ५ करोड़ टकाक केरा आयात कएल गेल अइछ। छैठ पावैनमे भक्तसभक लेल केरा अनिवार्य मानल जाइत अइछ।
जनकपुर फल तथा तरकारी व्यवसायी समितिक अध्यक्ष विश्वेश्वर यादव कहलैन जे छैठ पावैनक क्रममे घरमे पूरा केरा घाैर अर्घक रूपमे भगवानकेँ चढ़ाओल जाइत अइछ। तेँ स्थानीय उत्पादन नै भेलासँ प्रत्येक वर्ष केरा आयात करबाक बाध्यता अइछ।
ओ जनौलैन जे पछिला साल चाइर करोड़ टाकासँ बेसीक तुलनामे अइ साल ५ करोड़ रुपैयाक ८५ ट्रक केराक आयात कएल गेल ।
जनकपुरधाममे गोपाल आ बंशीभोग केरा सप्तरीक भारदह, भन्टाबारी आ इनरुवासँ आनल गेल अइछ। फलफूल तथा तरकारी व्यवसायी समितिक भुवनेश्वर पूर्वेक अनुसार, भारतक असम, गोहाटी, बंगाल, हाजीपुर, ठाकुरगंज आ चम्पारणसँ मालभोग, मिरिचमैन, चीनी चम्पा केरा आयात कएल जाइत अइछ।ओ कहलैन जे पछिला सालक तुलनामे अइ साल केराक दाम २० प्रतिशत बढ़ल अइछ। “छैठ पावैन मानएवला लोकक संख्या बढ़लासँ केराक माँग सेहो बढ़ल अइछ। अइलेल बाजारक माँगक अनुसार पछिला सालक तुलनामे अइ साल २५-३० ट्रक केराक ऑर्डर देल गेल अइछ।
फलफूल तथा तरकारी व्यवसायी समितिक अध्यक्ष यादवक अनुसार, १० पहिया ट्रकमे केरा अबैत अइछ। प्रत्येक ट्रककेँ जनकपुर पहुँचेबाक लागत ६ लाख रुपैया अइछ। प्रत्येक केरा बजारमे पाँच सओसँ एक हजार टकामे बेचल जाइत अइछ।
नेपालमे केरा उत्पादनक बहुत सम्भावना होइतो, मुदा माँगक अनुसार उत्पादनक कमीक कारण प्रत्येक वर्ष भारतसँ केता आयात कर पड़ैत अइछ। विशेषज्ञक कहब छैन जे भारतसँ आबएबला केरा देशमे उत्पादित केरासँ सस्ता होइत छै, तेँ एकरा सीमावर्ती क्षेत्रमे भारतसँ आयात कएल जाइत अइछ।
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