
काठमाण्डू : प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली भीड़द्वारा कोनो एक अभियुक्तकेँ पुर्पक्ष लेल प्रहरीके नियन्त्रणमे राखल गेलाक आधारमे न्यायकेँ माइर क अभियोगमुक्त बनैबलासभसँ समय एकर जवाब सबदिन माङ्गत।
प्रतिनिधिसभाक आजुक बैसारमे सम्बोधन करैत प्रधानमन्त्री ओली कहलैन जे भीड़के पाछु दौड़ैबला भीड़ आश्चर्यजनक मात्रे नै बल्कि दयनीय अइछ। “लाखौँ जनताद्वारा सहकारीमे कएल गेल बचत हिनामिना करैबला सयौँ व्यक्तिपर न्यायालयमे मुद्दा चलल छै। अदालत मुद्दा देख रहल अइछ। पूर्वमन्त्री, पूर्वसांसद, बहालवाला मेयर सहित विभिन्न पदमे रइह चुकल दर्जनौँ व्यक्तिसभकेँ अदालत प्रहरीके नियन्त्रणमे पठौने अइछ। मुदा अदालतद्वारा पुर्पक्ष लेल प्रहरीके नियन्त्रणमे पठाएल गेल कोनो एक व्यक्तिपर ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ भेल से जबरजस्ती भाष्य बनेबाक चेष्टा कएल जा रहल अइछ”, प्रश्नात्मक शैलीमे प्रधानमन्त्री ओली कहलैन, “एकटा व्यक्तिपर प्रतिशोध भेल छै तँ प्रहरीके नियन्त्रणमे रहल बाकी व्यक्तिपर की भेल छै? बाकीकेँ कानूनी कारबाही कएल गेल छै ? अरबौँ टका अपचलनके आरोपमे प्रहरीके नियन्त्रणमे रहल सयौँमेसँ कोन-कोन व्यक्तिपर ‘प्रतिशोध’ भेल छै? कोन-कोन व्यक्तिके प्रहरीके नियन्त्रण जायज अइछ?”
ओ कहलैन जे एहन बातसभकेँ ल क लगातार संसद् अवरुद्ध क विस्मयकारी, भावनात्मक आ हानिकारक उत्तेजनाक एकालापमे देशकेँ ल जेनाइ कहियो उचित नै हएत । स्वतन्त्र न्यायालयद्वारा कएल गेल निर्णय सरकारक अनुकूल वा प्रतिकूल जे किछु हो, ओहिमे सरकारक हाथ नै रहैत छै आ संसद्, सरकार, न्यायालय सहित अपन काज करबाक चाही, लोकतान्त्रिक प्रणालीकसभ अंगकेँ पेशेवर ‘मास म्यानुपुलेसन’के आक्रमणसँ बचबाक चाही।
ओ कहलैन जे अखुनके सरकार बितल राजनीतिकेँ लयमे अनबाक, शिथिल अर्थतन्त्रकेँ गतिशील बनेबाक, राजनीति आ नीतिमे उत्पन्न अस्थिरताकेँ अन्त क नीतिगत स्थिरता कायम करबाक, सुरू कएल गेल काज पूरा करबाक– प्रतिनिधिसभाक ई कार्यकालमे नै भ सकैबला काजकेँ बाकी राखबाक, आ देशपर बोझ बनल असान्दर्भिक योजना तथा कार्यक्रमसभकेँ खारेज करबाक क्रममे अइछ।
प्रधानमन्त्री ओली कहलैन जे आइ संसद्मे उछालल गेल किछु विषय राष्ट्रिय प्राथमिकता आ आवश्यकतापर आधारित नै छै ।
“भिजिट भिसापर विदेश जा क ओतैके नागरिकता ल क, ओतके नागरिकता नै त्याइग नेपाल घुइर क मन्त्रीधैर भेल प्रमाणित अभियुक्तसभ आ भिजिट भिसापर जा क ओत दू-दू बेर बियाह क चुकल छै। से व्यक्तिसभ सेहो अन्तर्राष्ट्रीय विमानस्थलपर प्लेन चढ़ैबलासभ नागरिककेँ ‘बेचल गेल’ से हल्ला फैलाबए चाहै छै। एकर पाछु देश आ नागरिकके हित नै छै, ई इमोसनल ब्ल्याकमेलिङ मार्फत अपन स्वार्थक रोटी सेकबाक प्रवृत्ति मात्र उजागर कएने अइछ।” हुनकर कहब छलैन।
अस्थिरता कतबो चाहलोपर आबैबला ०८४ सालके निर्वाचनधैर ई राजनीतिक समीकरण चलबे करत, फेरसँ स्पष्ट करैत कहलैन ।
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