
काठमाण्डू : गृहमन्त्री रमेश लेखक नेपाल नागरिकता (दोसर संशोधन) विधेयकसँ माएके वंश सेहो कायम हएत बतौने छैथ ।
आइ प्रतिनिधिसभा बैसारमे प्रस्तुत भेल नागरिकता विधेयकक सम्बन्धमे गृहमन्त्री लेखक माएके नामसँ नागरिकता भेटबाक स्थितिकेँ सुनिश्चित कएल गेल बतौलैन । “हमसभ ई ऐतिहासिक प्रस्थान कएने छी । माएसँ सेहो वंश कायम होइत अइछ । माएक नागरिकताक आधारमे सन्तान नागरिकता प्राप्त करत से बातकेँ विधेयकमे सुनिश्चित कएल गेल अइछ । बाबूक पहिचान नै भेल अवस्थामे माएके नामसँ नागरिकता देल जा सकैत छै, ई विधेयकके आधारभूत तत्व छियै”, ओ कहलैन ।
विधेयकमे १६ वर्ष उमेर पूरा नै भेल आ बाबु वा माए मध्ये कमसँ कम एक गोटे नेपाली नागरिक रहल नाबालककेँ वैदेशिक यात्रामे सहजीकरण करबाक लेल नाबालक परिचयपत्र प्राप्त क सकबाक व्यवस्था कएल गेल अइछ ।
ओ कहलैन, “संविधानक भावना अनुसार कोनो भी नेपाली नागरिक नागरिकता प्राप्त करबाक हकसँ वञ्चित नै हएत । सङे , नेपाली नागरिक माएसँ जन्म भेल सन्तान माएक नामसँ नागरिकता प्राप्त करबाक लेल संवैधानिक व्यवस्थाक पूर्ण रूपसँ कार्यान्वयन हएत , जखन कि माए वा बाबु जन्मक आधारमे नागरिकता प्राप्त कएने नागरिकक सन्तानसभ अङ्गीकृत नागरिकता प्राप्त क सकत ।”
विद्यमान सामाजिक परिवेश अनुसार पहिचानविहीन रहए पड़ल वैदेशिक रोजगारमे गेल नेपाली महिलाक सन्तान नागरिकताविहीन भ रहल अवस्थामे अङ्गीकृत नागरिकता प्राप्त क सकत, से हुनकर कहब अइछ ।
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